Class 12 Hindi – लघु उत्तरीय प्रश्न (Important Notes)
महत्वपूर्ण कहानी आधारित प्रश्न
Q31. गंगा पर पुल बनाने में अंग्रेजों ने दिलचस्पी क्यों नहीं ली?
उत्तर-चंपारण में नीलहे गोरे किसानों का शोषण और अन्य अत्याचार करते थे। दक्षिण बिहार के बागी विचारों का असर चंपारण में देर से पहुँचे इसीलिए गंगा पर पुल बनाने की स्कीम में तत्कालीन शासन ने कोई चस्पी नहीं दिखाई और यों बरसों तक चंपारण में गोरे निलहों का ब्रिटिश साम्राज्य की छत्रछाया में पनपता रहा।
Q32. 'ओ सदानीरा' पाठ आपके समक्ष कैसे प्रश्न खड़ा करता है
उत्तर-यह पाठ हमें वृक्षारोपण करने की शिक्षा देता है। वृक्ष के कटने का यह पाठ विरोध करता है। वृक्ष कटने से बाढ़ आ जाती है -कंक्रीट बढ़ते जा रहे हैं। पेड़ कम होते जा रहे हैं। नदियाँ अब विला करती नजर आती हैं। कटाव जारी है। विनाश लीला सभी देख रहे हैं। पर्यावरण प्रदूषित होता जा रहा है। अतः पेड़ कटाई का प्रश्न मानवता के समक्ष खड़ा है।
Q33. 'चौर' और 'मन' किसे कहते हैं? वे कैसे बने और उनमें क्या अंतर है?
उत्तर-हवाई जहाज में गंडक घाटी के दोनों ओर नाना आकृति के ताल दीख पड़ते हैं, कहीं उथले, कहीं गहरे। टेढ़े-मेढ़े, परंतु शुभ्र एवं निर्मल। इन तालों को कहते हैं- 'चौर' और 'मन'। चौर उथले ताल हैं, जिनमें पानी जाड़ों और गर्मियों में कम हो जाता है और खेती भी होती है। मन विशाल और गहरे ताल हैं। गंडक में बाढ़ आई, तटों का उल्लंघन कर नदी ने दूसरा पथ पकड़ा। पुराने पथ पर रह गए ये 'चौर' और 'मन' जिनकी गहराई तल को स्पर्श कर धरती के हृदय से स्रोत को फोड़ लाई।
Q34. बिशनी मानक को लड़ाई में क्यों भेजती है?
उत्तर-माँ बिशनी अपने बेटे को लड़ाई में कुछ पैसे कमाने हेतु भेजती है। ताकि मुन्नी की शादी के लिए कपड़े खरीदे जा सके । लेकिन 'सपने किसी के होते न पूरे, रोज बनाए फिर भी अधूरे।’
Q35. सिपाही के घर की स्थिति मानक के घर से भिन्न नहीं होता है, कैसे? स्पष्ट करें।
उत्तर-सिपाही के घर भी दारिद्रय का साम्राज्य छाया हुआ है। पैसे के लिए मानक युद्ध में जाता है। पैसे के लिए सिपाही भी विपक्ष से लड़ता है। सिपाही की माँ बेटे के इंतजार में पागल हो गयी है। मानक की माँ भी इंतजार में व्यग्र है। सिपाही के घर बच्चा होनेवाला है। सिपाही के मर जाने के बाद उसकी औरत आत्महत्या कर लेगी। मानक की मृत्यु के बाद उसकी बहन की शादी के कड़े कौन लाएगा। निष्कर्षतः सिपाही के घर की स्थिति मानक के घर से भिन्न नहीं है।
Q36. मानक स्वयं को वहशी और जानवर से भी बढ़कर क्यों कहता है?
उत्तर-मानक युद्ध में अपने दुश्मन सिपाही को मारने के लिए कहता है। दुश्मनों ने मानक को लहू-लुहान कर दिया है। सिपाही कहता है कि मैं इसे नहीं मारूँगा तो यह मुझे मार देगा। मानक कहता है-मैं इसे नहीं मारूँगा? नहीं! मैं इसे जरूर मारूँगा। मैं अभी इसके टुकड़े-टुकड़े कर दूँगा। मानक स्वीकार करता है-मैं वहशी हूँ। मैं जानवर हूँ। मैं बहशी और जानवर से बढ़कर हूँ। युद्ध में सिपाही विपक्षी सिपाही को मरते दम तक मारने के लिए तैयार रहता है। इसीलिए मानक स्वयं को बहशी और जानवर से भी बढ़कर कहता है।
Q37. 'बचपन से ही आपका ऐसे वातावरण में रहना अत्यंत आवश्यक है जो स्वतंत्रतापूर्ण हो।' क्यों?
उत्तर-बचपन से ही एक ऐसे वातावरण में रहना अत्यन्त आवश्यक है जो स्वतंत्रतापूर्ण हो। हममें से अधिकांश व्यक्ति ज्यों-ज्यों बड़े होते जाते हैं, त्यों-त्यों ज्यादा भयभीत होते जाते हैं, हम जीवन से भयभीत रहते हैं, नौकरी के छूटने से, परम्पराओं से और इस बात से भयभीत रहते हैं कि पड़ोसी, पत्नी या पति क्या कहेंगे, हम मृत्यु से भयभीत रहते हैं। हममें से अधिकांश व्यक्ति, किसी न किसी रूप में भयभीत है और जहाँ भय है, वहाँ मेधा नहीं है। हमें बचपन से ही एक ऐसे वातावरण में रहना है, जहाँ भय न हो, जहाँ स्वतंत्रता हो-मनचाहे कार्य करने की स्वतंत्रता नहीं, अपितु एक ऐसी स्वतंत्रता जहाँ आप जीवन की सम्पूर्ण प्रक्रिया समझ सकें।
Q38. 'कला कला के लिए' सिद्धान्त क्या है?
उत्तर-कला का सर्जन जब केवल कला की सुन्दरता के लिए किया जाता है तो उसे 'कला-कला के लिए' कहा जाता है। यह कला अपनी सुन्दरता के कारण अमर रहती है। इस सिद्धान्त में नैतिकता के प्रश्न नहीं उठते। छोटे-छोटे प्रगीत मुक्तक 'कला-कला के लिए' सिद्धान्त के अन्तर्गत परिगणित होते हैं। लम्बी कविताएँ इसके अन्तर्गत नहीं आती। एकांकी में एक प्रश्न को उठाया जाता है, जबकि नाटक में अनेक प्रश्न और राष्ट्रीय जीवन का चित्रण संवाद की शैली में ही हो जाता है।
Q39. रचना और दस्तावेज में क्या फर्क है?
उत्तर-लेखक पहले लेखन सामग्री एकत्रित कर जो लिखता है वह दस्तावेज है। इस दस्तावेज से जो मूल्यवान बात निकालकर कही-लिखी जाती है वह रचना है। रचना आग पर पक कर तैयार हुई-मीठी खीर है। दस्तावेज रचना के लिए जरूरी है। वह कच्चा माल है। आगे चलकर इसी से उत्कृष्ट रचना बनती है।
Q40. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के काव्य-आदर्श क्या थे?
उत्तर-आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के काव्य-सिद्धांत के आदर्श 'प्रबंध काव्य' थे। प्रबंध काव्य में मानव जीवन का एक पूर्ण दृश्य होता है। 'रामचरितमानस' प्रबंध काव्य है। यह महाकाव्य है। 'सूरसागर' गीतिकाव्य है। अतः 'रामचरितमानस' श्रेष्ठ परिगणित होता है।